भारत में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए वर्ष 2026 काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। केंद्र सरकार और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़े कोर्स में कई बदलाव करने की योजना बनाई है। नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार अब शिक्षक बनने की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इन बदलावों का असर B.Ed, D.El.Ed और अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स करने वाले छात्रों पर पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य है कि स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की गुणवत्ता बेहतर हो और उन्हें आधुनिक शिक्षण तकनीकों की बेहतर ट्रेनिंग मिल सके।
इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम को मिलेगा बढ़ावा
नई व्यवस्था के तहत Integrated Teacher Education Programme (ITEP) को मुख्य कोर्स के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह चार साल का एकीकृत कोर्स होगा जिसमें छात्र ग्रेजुएशन और B.Ed की डिग्री एक साथ प्राप्त कर सकेंगे। इस कोर्स के अंतर्गत BA-B.Ed, BSc-B.Ed और BCom-B.Ed जैसे विकल्प उपलब्ध होंगे। इस कार्यक्रम में छात्रों को शुरुआत से ही आधुनिक शिक्षा पद्धति, बाल मनोविज्ञान और प्रैक्टिकल शिक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को स्कूलों में पढ़ाने का वास्तविक अनुभव भी मिलेगा।
पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए 1 वर्ष का B.Ed
सरकार पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुके छात्रों के लिए एक साल के B.Ed कोर्स को फिर से शुरू करने की योजना बना रही है। पहले यह कोर्स बंद कर दिया गया था और सभी छात्रों को दो साल का B.Ed करना पड़ता था। नए प्रस्ताव के अनुसार जिन छात्रों ने MA, M.Sc या M.Com जैसी मास्टर डिग्री पूरी कर ली है, उनके लिए यह अवधि कम की जा सकती है। इससे ऐसे छात्रों का समय और खर्च दोनों बच सकते हैं और अधिक योग्य लोग शिक्षक बनने की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
पुराने कोर्स का क्या होगा
नए नियम लागू होने के बाद कई छात्रों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि D.El.Ed और B.El.Ed जैसे पुराने कोर्स का भविष्य क्या होगा। सरकार का कहना है कि इन कोर्स को तुरंत बंद नहीं किया जाएगा। इन्हें धीरे-धीरे नए ITEP सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा ताकि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव आसानी से लागू हो सके। जिन छात्रों ने पहले से B.Ed या D.El.Ed की पढ़ाई पूरी कर ली है, उनकी डिग्री भविष्य में भी मान्य रहेगी और वे शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे।
शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में भी बदलाव संभव
शिक्षक प्रशिक्षण के नियमों में बदलाव के साथ ही भर्ती परीक्षाओं में भी परिवर्तन देखने को मिल सकता है। CTET और राज्य स्तर की TET परीक्षाओं के सिलेबस को नई शिक्षा नीति के अनुसार अपडेट किया जा सकता है। भविष्य में परीक्षाओं में केवल याद करने की क्षमता के बजाय पढ़ाने की समझ और कौशल को अधिक महत्व दिया जा सकता है। इससे शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और गुणवत्ता आधारित बनने की संभावना है।
NCET परीक्षा के माध्यम से होगा प्रवेश
ITEP कोर्स में प्रवेश के लिए छात्रों को National Common Entrance Test (NCET) पास करना होगा। इस परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाएगा। इसमें भाषा, सामान्य ज्ञान और संबंधित विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं। जो छात्र 2026 में शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं, उन्हें इस परीक्षा की तैयारी पहले से शुरू कर देनी चाहिए और केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों में ही प्रवेश लेना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स और प्रवेश नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी कोर्स में प्रवेश लेने से पहले NCTE की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित शिक्षण संस्थान से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।









