आज के समय में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कीमतें आम लोगों के जीवन पर सीधा प्रभाव डालती हैं। हर दिन लोग घर से निकलने से पहले यह जानना चाहते हैं कि ईंधन के ताजा दाम क्या हैं। क्योंकि इनकी कीमतें केवल वाहन चलाने के खर्च को ही नहीं बढ़ाती या घटातीं, बल्कि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर डालती हैं। 9 मार्च 2026 को तेल कंपनियों ने देश के प्रमुख शहरों के लिए पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की नई कीमतें जारी कर दी हैं। महीने की शुरुआत होने के कारण एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव को लेकर भी लोगों की खास नजर बनी हुई है।
बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट
ताजा जानकारी के अनुसार देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल लगभग ₹94.72 प्रति लीटर और डीजल करीब ₹87.62 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹104.21 प्रति लीटर दर्ज की गई है, जो देश के बड़े शहरों में सबसे अधिक मानी जाती है। दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में पेट्रोल करीब ₹100.75 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के कारण तेल कंपनियों ने फिलहाल कीमतों में बदलाव नहीं किया है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में स्थिति
मार्च महीने की शुरुआत में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा की गई है। दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर लगभग ₹853.00 में उपलब्ध है। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत करीब ₹879.00 तक पहुंच गई है। बिहार की राजधानी पटना में एलपीजी सिलेंडर का दाम लगभग ₹942.50 बताया जा रहा है, जो कई अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स और परिवहन लागत के कारण गैस सिलेंडर की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
ईंधन की कीमतों का आम लोगों पर असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इनका प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। जब डीजल महंगा होता है तो परिवहन खर्च बढ़ जाता है, जिससे फल, सब्जियां और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हो जाती है। इसी वजह से ईंधन की कीमतों को देश की आर्थिक स्थिति से भी जोड़ा जाता है। एलपीजी गैस के दाम भी सीधे तौर पर घरेलू बजट को प्रभावित करते हैं, क्योंकि रसोई गैस लगभग हर घर की जरूरत बन चुकी है।
कीमतें किन कारणों से तय होती हैं
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट जैसे टैक्स इन कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा परिवहन लागत और स्थानीय कर भी अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर पैदा करते हैं। लोग अपने शहर के ताजा ईंधन दाम तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या एसएमएस सेवा के माध्यम से आसानी से जान सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कीमतें समय-समय पर बदल सकती हैं और अलग-अलग शहरों में अलग हो सकती हैं। सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत स्रोतों की जांच अवश्य करें।









